Baglamukhi Chalisa Pdf | बगलामुखी चालीसा पढिए

baglamukhi chalisa pdf
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Baglamukhi Chalisa Pdf – मां बगलामुखी की पूजा अपने दुश्मनों का नाश करने के लिए की जाती है। यह एक बहुत ही पुरानी प्रक्रिया है जिसमें मां बगलामुखी की आराधना करने से दुश्मन का नाश होता है और जंग में आपकी जीत होती है। लंबे समय से हिंदू धर्म में कोई बड़ी लड़ाई जीतने के लिए या दुश्मन को खत्म करने के लिए मां बगलामुखी की तपस्या की जाती है।

मां बगलामुखी को पीतांबरी के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इनकी पूजा पीले रंग से की जाती है। अगर आप अपनी लड़ाई जीतना चाहते हैं अपने दुश्मनों का नाश करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको Baglamukhi Chalisa Pdf पढ़ना चाहिए। इसके लिए आपको नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करना है और मां बगलामुखी चालीसा पीडीएफ को डाउनलोड करना है।

Book NameBaglamukhi Chalisa Pdf
Author Not Known 
Publish DateNot Known
Language Hindi/ Sanskrit 
Publication Not Known 
Country India 

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Baglamukhi Chalisa Pdf

बगलामुखी चालीसा रोजाना सुबह पढ़ना चाहिए। जंग पर जाने से पहले या फिर अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी परेशानी के साथ लड़ाई शुरू करने से पहले आपको मां बगलामुखी की आराधना करनी चाहिए। मां बगलामुखी चालीसा को पढ़ने के बाद 108 बार मृत्युंजय जाप करने से आपकी जीत निश्चित हो जाती है।

इसके अलावा कार्यक्षेत्र और कंपटीशन की तैयारी करने के दौरान भी आपको बगलामुखी की तपस्या करनी चाहिए। बगलामुखी चालीसा रोज सुबह पीला वस्त्र धारण करके पीले चादर पर बैठकर पढ़ा जाता है। इस पूजा को करने की पूरी प्रक्रिया और अन्य जानकारी नीचे सूचीबद्ध की गई है।

Baglamukhi Chalisa Lyrics in Hindi

॥ दोहा ॥

सिर नवाइ बगलामुखी,लिखूँ चालीसा आज।

कृपा करहु मोपर सदा,पूरन हो मम काज॥

॥ चौपाई ॥

जय जय जय श्री बगला माता।आदिशक्ति सब जग की त्राता॥

बगला सम तब आनन माता।एहि ते भयउ नाम विख्याता॥

शशि ललाट कुण्डल छवि न्यारी।अस्तुति करहिं देव नर-नारी॥

पीतवसन तन पर तव राजै।हाथहिं मुद्गर गदा विराजै॥

तीन नयन गल चम्पक माला।अमित तेज प्रकटत है भाला॥

रत्न-जटित सिंहासन सोहै।शोभा निरखि सकल जन मोहै॥

आसन पीतवर्ण महारानी।भक्तन की तुम हो वरदानी॥

पीताभूषण पीतहिं चन्दन।सुर नर नाग करत सब वन्दन॥

एहि विधि ध्यान हृदय में राखै।वेद पुराण सन्त अस भाखै॥

अब पूजा विधि करौं प्रकाशा।जाके किये होत दुख-नाशा॥

प्रथमहिं पीत ध्वजा फहरावै।पीतवसन देवी पहिरावै॥

कुंकुम अक्षत मोदक बेसन।अबिर गुलाल सुपारी चन्दन॥

माल्य हरिद्रा अरु फल पाना।सबहिं चढ़इ धरै उर ध्याना॥

धूप दीप कर्पूर की बाती।प्रेम-सहित तब करै आरती॥

अस्तुति करै हाथ दोउ जोरे।पुरवहु मातु मनोरथ मोरे॥

मातु भगति तब सब सुख खानी।करहु कृपा मोपर जनजानी॥

त्रिविध ताप सब दु:ख नशावहु।तिमिर मिटाकर ज्ञान बढ़ावहु॥

बार-बार मैं बिनवउँ तोहीं।अविरल भगति ज्ञान दो मोहीं॥

पूजनान्त में हवन करावै।सो नर मनवांछित फल पावै॥

सर्षप होम करै जो कोई।ताके वश सचराचर होई॥

तिल तण्डुल संग क्षीर मिरावै।भक्ति प्रेम से हवन करावै॥

दु:ख दरिद्र व्यापै नहिं सोई।निश्चय सुख-संपति सब होई॥

फूल अशोक हवन जो करई।ताके गृह सुख-सम्पत्ति भरई॥

फल सेमर का होम करीजै।निश्चय वाको रिपु सब छीजै॥

गुग्गुल घृत होमै जो कोई।तेहि के वश में राजा होई॥

गुग्गुल तिल सँग होम करावै।ताको सकल बन्ध कट जावै॥

बीजाक्षर का पाठ जो करहीं।बीजमन्त्र तुम्हरो उच्चरहीं॥

एक मास निशि जो कर जापा।तेहि कर मिटत सकल सन्तापा॥

घर की शुद्ध भूमि जहँ होई।साधक जाप करै तहँ सोई॥

सोइ इच्छित फल निश्चय पावै।जामे नहिं कछु संशय लावै॥

अथवा तीर नदी के जाई।साधक जाप करै मन लाई॥

दस सहस्र जप करै जो कोई।सकल काज तेहि कर सिधि होई॥

जाप करै जो लक्षहिं बारा।ताकर होय सुयश विस्तारा॥

जो तव नाम जपै मन लाई।अल्पकाल महँ रिपुहिं नसाई॥

सप्तरात्रि जो जापहिं नामा।वाको पूरन हो सब कामा॥

नव दिन जाप करे जो कोई।व्याधि रहित ताकर तन होई॥

ध्यान करै जो बन्ध्या नारी।पावै पुत्रादिक फल चारी॥

प्रातः सायं अरु मध्याना।धरे ध्यान होवै कल्याना॥

कहँ लगि महिमा कहौं तिहारी।नाम सदा शुभ मंगलकारी॥

पाठ करै जो नित्य चालीसा।तेहि पर कृपा करहिं गौरीशा॥

॥ दोहा ॥

सन्तशरण को तनय हूँ,कुलपति मिश्र सुनाम।

हरिद्वार मण्डल बसूँ,धाम हरिपुर ग्राम॥

उन्नीस सौ पिचानबे सन् की,श्रावण शुक्ला मास।

चालीसा रचना कियौं,तव चरणन को दास॥

बगलामुखी चालीसा कैसे पढ़ना चाहिए?

बगलामुखी चालीसा आपको कैसे पढ़ना चाहिए इसकी जानकारी नीचे सूचीबद्ध की गई है – 

  • Baglamukhi Chalisa रोज सुबह पूजा करने के दौरान पढ़ा जाता है।
  • इस चालीसा को पढ़ने के लिए आपको पीला वस्त्र धारण करना होता है।
  • बगलामुखी चालीसा का जब आपको पीले रंग के चादर पर बैठकर पढ़ना चाहिए।
  • मां बगलामुखी को पीले रंग का पुष्प चढ़ाया जाता है और उन्हें कोई भी पिला भोग चढ़ाया जाता है।
  • इस पूजा के दौरान उन्हें पीतांबरी के नाम से संबोधित किया जाता है।
  • बगलामुखी चालीसा का जाप करने के बाद 108 बार मृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए।
  • इन सभी निर्देशों का पालन करते हुए जब आप मां बगलामुखी से अपने मन की इच्छा मांगेंगे तो वह जरूर पूरी होगी।

बगलामुखी चालीसा पढ़ने के लाभ

इस चालीसा को पढ़ने से आपको क्या लाभ मिलता है इसे समझना भी जरूरी है – 

  • बगलामुखी चालीसा पढ़ने से आपके दुश्मनों का नाश होता है।
  • किसी प्रतियोगिता कार्य क्षेत्र व्यवसाय या किसी भी जंग को जीतने के लिए मां बगलामुखी चालीसा का जाप किया जाता है।
  • इस चालीसा का रोजाना जाप करने से आपके जीवन में तरक्की सुनिश्चित होती है और आप अपने कार्य क्षेत्र में सबसे आगे निकल जाते हैं।

निष्कर्ष

इस लेख में Baglamukhi Chalisa Pdf के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई है जिसे पढ़कर आप आसानी से मां बगलामुखी के बारे में समझ सकते है। इसे पढ़ कर आप जा सकते हैं कि बगलामुखी चालीसा का जाप क्यों किया जाता है और आप कैसे इस चालीसा का जाप कर सकते हैं इसके बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई है अतः इसे सभी के साथ साझा करें।

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