Khatu Shyam Chalisa Pdf | श्री खाटू श्याम चालीसा

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Khatu Shyam Chalisa Pdf – यह लेख श्री खाटू श्याम बाबा को अर्पित है। अगर आप अपने परिवार के सारे दुख को दूर करते हुए अपने जीवन में भगवान की असीम कृपा पाना चाहते हैं तो आपको श्री खाटू श्याम चालीसा का जाप रोजाना करना चाहिए। Khatu Shyam Chalisa Pdf का लिंक नीचे दिया गया है जिस पर क्लिक करके आप इस पीडीएफ को डाउनलोड कर सकते हैं।

यह खाटू श्याम बाबा चालीसा है, जिसमें आप उनके चरित्र और उनके अवतार का वर्णन समझेंगे। खाटू श्याम बाबा की पूजा करने के दौरान इस चालीसा का जाप किया जाता है जिससे उनकी कृपा बनी रहती है।

Khatu Shyam Chalisa PdfOverview

Book NameKhatu Shyam Chalisa Pdf
Author Not Known 
Publish DateNot Known
Language Hindi/ Sanskrit 
Publication Not Known 
Country India 

Khatu Shyam Chalisa Pdf

खाटू श्याम बाबा की कृपा हमेशा भक्तों पर बनी रहती है भारत में राजस्थान राज्य में इनका सबसे बड़ा मंदिर स्थित है। घर के क्लेश दुख दर्द जादू टोना भूत प्रेत को भगाने के लिए आज भी लोग इनके मंदिर में माथा टेकने जाते हैं।

कहा जाता है कि राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर में प्रवेश करते ही आपके घर के सारे दुख दर्द दूर हो जाते है। इस मंदिर में लोग आपको अजीब अजीब हरकत करते नजर आते हैं जिसका किसी को कोई कारण नहीं मालूम है। इस मंदिर के प्रसाद को मंदिर प्रांगण से बाहर ले जाना भी माना है। Khatu Shyam Chalisa Pdf में आप खाटू श्याम बाबा की असीम कृपा के बारे में अच्छे से समझ सकते हैं।

अगर आपके परिवार में भी जादू टोना की समस्या चल रही है या फिर बच्चा नहीं हो रहा या फिर वैवाहिक संबंध खराब हो रहे हैं तो इन सभी परेशानियों का समाधान पाने के लिए रोजाना खाटू श्याम चालीसा का जाप करें।

Khatu Shyam Chalisa Lyrics | खाटू श्याम चालीसा

|| दोहा ||

श्री गुरु चरण ध्यान धर, सुमिरि सच्चिदानन्द |

श्याम चालीसा भजत हूँ, रच चैपाई छन्द ||

|| चौपाई ||

श्याम श्याम भजि बारम्बारा,

सहज ही हो भवसागर पारा |

इन सम देव न दूजा कोई,

दीन दयालु न दाता होई |

भीमसुपुत्र अहिलवती जाया,

कहीं भीम का पौत्र कहाया |

यह सब कथा सही कल्पान्तर,

तनिक न मानों इनमें अन्तर |

बर्बरीक विष्णु अवतारा,

भक्तन हेतु मनुज तनु धारा |

वसुदेव देवकी प्यारे,

यशुमति मैया नन्द दुलारे |

मधुसूदन गोपाल मुरारी,

बृजकिशोर गोवर्धन धारी |

सियाराम श्री हरि गोविन्दा,

दीनपाल श्री बाल मुकुन्दा |

दामोदर रणछोड़ बिहारी,

नाथ द्वारिकाधीश खरारी |

नरहरि रूप प्रहलद प्यारा,

खम्भ फारि हिरनाकुश मारा |

राधा वल्लभ रुक्मिणी कंता,

गोपी बल्लभ कंस हनंता |

मनमोहन चितचोर कहाये,

माखन चोरि चोरि कर खाये |

मुरलीधर यदुपति घनश्याम,

कृष्ण पतितपावन अभिराम |

मायापति लक्ष्मीपति ईसा,

पुरुषोत्तम केशव जगदीशा |

विश्वपति त्रिभुवन उजियारा,

दीनबन्धु भक्तन रखवारा |

प्रभु का भेद कोई न पाया,

शेष महेश थके मुनियारा |

नारद शारद ऋषि योगिन्दर,

श्याम श्याम सब रटत निरन्तर |

कवि कोविद करि सके न गिनन्ता,

नाम अपार अथाह अनन्ता |

हर सृष्टि हर युग में भाई,

ले अवतार भक्त सुखदाई |

हृदय माँहि करि देखु विचारा,

श्याम भजे तो हो निस्तारा |

कीर पड़ावत गणिका तारी,

भीलनी की भक्ति बलिहारी |

सती अहिल्या गौतम नारी,

भई श्राप वश शिला दुखारी |

श्याम चरण रच नित लाई,

पहुँची पतिलोक में जाई |

अजामिल अरु सदन कसाई,

नाम प्रताप परम गति पाई |

जाके श्याम नाम अधारा,

सुख लहहि दुख दूर हो सारा |

श्याम सुलोचन है अति सुन्दर,

मोर मुकुट सिर तन पीताम्बर |

गल वैजयन्तिमाल सुहाई,

छवि अनूप भक्तन मन भाई |

श्याम श्याम सुमिरहुं दिनराती,

शाम दुपहरि अरु परभाती |

श्याम सारथी सिके रथ के,

रोड़े दूर होय उस पथ के |

श्याम भक्त न कहीं पर हारा,

भीर परि तब श्याम पुकारा |

रसना श्याम नाम पी ले,

जी ले श्याम नाम के हाले |

संसारी सुख भोग मिलेगा,

अन्त श्याम सुख योग मिलेगा |

श्याम प्रभु हैं तन के काले,

मन के गोरे भोले भाले |

श्याम संत भक्तन हितकारी,

रोग दोष अघ नाशै भारी |

प्रेम सहित जे नाम पुकारा,

भक्त लगत श्याम को प्यारा |

खाटू में है मथुरा वासी,

पार ब्रह्म पूरण अविनासी |

सुधा तान भरि मुरली बजाई,

चहुं दिशि नाना जहाँ सुनि पाई |

वृद्ध बाल जेते नारी नर,

मुग्ध भये सुनि वंशी के स्वर |

दौड़ दौड़ पहुँचे सब जाई,

खाटू में जहाँ श्याम कन्हाई |

जिसने श्याम स्वरूप निहारा,

भव भय से पाया छुटकारा |

|| दोहा ||

श्याम सलोने साँवरे, बर्बरीक तनु धार |

इच्छा पूर्ण भक्त की, करो न लाओ बार |

Khatu Shyam Katha | खाटू श्याम की कथा 

आज भी बहुत सारे लोग बाबा खाटू श्याम की कथा नहीं जानते है। आपको बता दे आज से सालों पहले भारत के युद्ध के दौरान बर्बरीक नाम के एक राक्षस पुत्र महाभारत का हिस्सा बनने आए थे।

उन्होंने श्री कृष्ण से कहां की बर्बरीक ने अपनी मां से वादा किया है कि वह हमेशा उसे पक्ष से लड़ाई करेगा जो जंग में हार रही होगी। महाभारत के युद्ध में श्री कृष्ण पांडव की तरफ थे इस वजह से बर्बरीक समझ गया कि पांडवों की जीत निश्चित है इसलिए वह कौरव का हिस्सा बनने जा रहा था।

भगवान श्री कृष्ण ने उनकी ताकत परखने के लिए उसकी परीक्षा ली और उन्हें एक छोटा सा कार्य करने को कहा कि अगर बर्बरीक पेड़ पर लगे हुए सारे पत्ते को एक तीर से छेड़ देगा तो वह बर्बरीक को शक्तिशाली मान लेंगे। इसके बाद उन्होंने एक पत्ता तोड़कर अपने पैर के नीचे छुपा लिया। बर्बरीक ने आसमान में तीर मारा और सभी पत्ते को जाकर वह तीर लगा एक तीर भगवान कृष्ण के पैर पर भी लग गया।

बर्बरीक की इस ताकत को देखकर भगवान श्री कृष्णा काफी अचंभित हो गए और उन्होंने बर्बरीक से आग्रह किया कि वह कौरवों के साथ ना छूटे। क्योंकि ऐसा करने पर कौरवों की हार कभी नहीं होगी और इस दुनिया में पाप की जीत हो जाएगी। बर्बरीक ने कहा कि वह अपनी मां को दिए गए वचन के करण वध है इस वजह से वह अपना हथियार नीचे रखना है और भगवान श्री कृष्ण से यह आग्रह करता है कि वह उसकी गर्दन काट दे।

भगवान श्री कृष्णा उनके इस व्यक्तित्व से काफी प्रभावित हुए और उन्हें वरदान दिया कि आने वाले कलयुग में बर्बरीक को कोई भी रक्षा नहीं समझेगा उसे भगवान श्री कृष्ण के नाम से पूजा जाएगा। भगवान श्री कृष्ण का एक नाम श्याम है इस वजह से हम उन्हें खाटू श्याम बाबा के नाम से पूछते हैं।

निष्कर्ष

आज इस लेख में हमने आपको Khatu Shyam Chalisa Pdf के बारे में बताया है जिसे पढ़कर आप आसानी से खाटू श्याम के बारे में समझ सकते हैं और उनकी पूजा अर्चना करके अपने जीवन में खुशहाली प्राप्त कर सकते हैं।

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